मूंदी।
हमको गर्व उन वीर जवानो पर है जो भारत माता की रक्षा के लिये माइनस डिग्री
में भी अपने प्राणो की आहुति दे रहे है लेकिन शर्म उन लोगों पर आती है जो
भारत माता के मस्तक को जुदा करने के लिये देशविरोधी नारे लगाते है। देश की
बर्बादी के नारे लगाने वाले न तो सच्चे मुसलमान हो सकते है न ही सच्चे
हिन्दु। यह धाराप्रवाह उदबोधन नगर परिषद मूंदी व्दारा आयोजित राष्ट्रवादी
व्याख्यान कार्यक्रम के तहत राष्ट्रवादी चिन्तक मोहम्मद फैज खान ने माता
चौक मूंदी में दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान से हमारी रिश्ता खुदाई का
है, इसलिये यहां की धरती हमारे लिये माता के समान है। इसकी जय बोलने में
क्या हर्ज है उन्होंने कहा इस्लामाबाद बीजिंग के निर्देश पर देश में देश
विरोधी नारे लगाये जा रहे है कार्यवाही के भय से संविधान में विश्वास की
बात तो कहीं जा रही है लेकिन देश के विरूद्ध आतंकवादी हमला करने वाले अफजल
गुरू को शहीद का दर्जा देकर जेएनयू में देशविरोधी माहौल तैयार किया जा रहा
है। उन्होंने जेएनयू के कथित आंदोलन को आडे हाथे लेते कहा कि जो अशिक्षा से
बेरोजगारी और भूख से आजादी की मांग कर रहे है उनका दोहरा चरित्र उजागर हो
रहा है। ऐसे तत्व बस्तर सहित देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्कूलों को
बम से उड़ाने पर, सड़क और स्कूल बनाने वाले इंजीनियरो, शिक्षा देने वाले
शिक्षको को तथा उपचार करने वाले डाक्टरों को गोली से उड़ाने पर जश्न मनाते
है। ऐसे लोग झूठे और मक्कार है।
उन्होंने कहा कि देश में शहीद अशफाक उल्ला खान, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम, महान सैनिक हमीद की परम्परा से होगा वहीं भारतीय मुसलमानों की आवाज होगा। उन्होंने कहा कि जिस भी धर्म को मानने वाले हो इस देश में रहने वाला हर व्यक्ति देश को सबसे उंचा माने तभी देश का भला होगा।
भारत के विकास की एकमात्र आशा इस्लामी शरीर और वेदान्ती मस्तिष्क है। पूरी दुनिया में मुसलमान और इस्लाम भारत में सुरक्षित है। यहां शिया-सुन्नी या बोहरा हो सभी को मस्जिद बनाने का अधिकार है। इराक में मस्जिदे तोड़ी जा रही है, सउदी सरकार ने 4000 दरगाहों को तोड़ा है। पाक में मुहाजिर के नाम पर आज भी जूते मारे जा रहे है इराक और सिरिया में लोगों की गर्दने काटी जा रही है। यूरोप में कपड़े उतारे जा रहे है। सिर्फ हिन्दुस्तान ही वह देश है जहां सभी धर्मो के साथ एक समान व्यवहार होता है। भारत धर्मप्राण देश है। यही कारण है अरब में जितनी मस्जिदे है उससे ज्यादा मस्जिदे मध्यप्रदेश में है।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि संबोधन के पूर्व मो. फैज खान ने भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अध्यक्षता गायत्री परिवार के डा. मधुसुदन गीते ने की मंच पर गौसेवक सुखदेव महाराज मौजूद थे। व्यक्तित्व परिचय देकर कार्यक्रम का संचालन नगर परिषद अध्यक्ष सन्तोष राठौर किया। कार्यक्रम का आगाज वन्देमातरम के साथ हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। व्याख्यान को सुनने के लिये बड़ी संख्या में गणमाण्य नागरिक माता चौक में उपस्थित थे। इस आयोजन की सभी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की
उन्होंने कहा कि देश में शहीद अशफाक उल्ला खान, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम, महान सैनिक हमीद की परम्परा से होगा वहीं भारतीय मुसलमानों की आवाज होगा। उन्होंने कहा कि जिस भी धर्म को मानने वाले हो इस देश में रहने वाला हर व्यक्ति देश को सबसे उंचा माने तभी देश का भला होगा।
भारत के विकास की एकमात्र आशा इस्लामी शरीर और वेदान्ती मस्तिष्क है। पूरी दुनिया में मुसलमान और इस्लाम भारत में सुरक्षित है। यहां शिया-सुन्नी या बोहरा हो सभी को मस्जिद बनाने का अधिकार है। इराक में मस्जिदे तोड़ी जा रही है, सउदी सरकार ने 4000 दरगाहों को तोड़ा है। पाक में मुहाजिर के नाम पर आज भी जूते मारे जा रहे है इराक और सिरिया में लोगों की गर्दने काटी जा रही है। यूरोप में कपड़े उतारे जा रहे है। सिर्फ हिन्दुस्तान ही वह देश है जहां सभी धर्मो के साथ एक समान व्यवहार होता है। भारत धर्मप्राण देश है। यही कारण है अरब में जितनी मस्जिदे है उससे ज्यादा मस्जिदे मध्यप्रदेश में है।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि संबोधन के पूर्व मो. फैज खान ने भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अध्यक्षता गायत्री परिवार के डा. मधुसुदन गीते ने की मंच पर गौसेवक सुखदेव महाराज मौजूद थे। व्यक्तित्व परिचय देकर कार्यक्रम का संचालन नगर परिषद अध्यक्ष सन्तोष राठौर किया। कार्यक्रम का आगाज वन्देमातरम के साथ हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। व्याख्यान को सुनने के लिये बड़ी संख्या में गणमाण्य नागरिक माता चौक में उपस्थित थे। इस आयोजन की सभी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की