Thursday, 2 June 2016

शांति देव दर्शन, जिनवाणी का स्वाध्याय एवं धर्म चर्चा से प्राप्त हो सकती है - पं. देवेन्द्र जी

खंडवा। कब तक दूसरों को दोष देते रहोगे, अब दूसरों को दोष देना बंद करो और सावधानीपूर्वक निज के दोषों को खोजकर निष्कलंक होने का पुरूषार्थ करो। अनादिकाल से जो हमने भूले की है उनके सुधार के लिए पुरूषार्थ करो, बाह्य में शांति की खोज नहीं करना शांति निज में ही भरी हुई है, जो आपने शांति स्थापित कर रखी है उसे हटा दो तो तुम्हे शांति मिल जाएगी। धर्म सहज और सरल है, धर्म सुख शांति का उपाय है। जगत का कोई देवता प्रभु शांति देने नहीं आएगा अपितु शांति निज से ही प्राप्त होगी। जो पर में शांति खोजेगा वह शांति कभी प्राप्त नहीं कर पाएगा। शांति स्व में हैं पर में नहीं।

यह उद्गार मंगलायतन से पधारे पंडित देवेन्द्र जी शास्त्री ने मुमुक्ष मंडल द्वारा आयोजित इंद्रध्वज मंडल एवं जैनत्व बाल संस्कार शिक्षण शिविर के अवसर पर व्यक्त किए। शास्त्री जी ने कहा कि करोड़ों रूपए के भोग से हमें शांति नहीं मिलेगी। संपन्न सुविधाओं से भी शांति नहीं मिलेगी। शांति देव दर्शन, जिनवाणी का स्वाध्याय एवं धर्म चर्चा से प्राप्त हो सकती है। हमारे कल्याण एवं सुख शांति के लिए प्रतिदिन हमें देव दर्शन, जिनवाणी का श्रवण एवं विद्वान पंडितों के सत्संग का लाभ प्राप्त करना चाहिए। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि स्व. अनंतलाल एवं स्व. कमलाबाई की पुण्य स्मृति में दिगंबर मुमुक्ष मंडल द्वारा विश्व शांति एवं सभी के कल्याणार्थ व अच्छी बारिश के लिए इंद्रध्वज महामंडल विधान एवं जैनत्व बाल संस्कार शिक्षण शिविर का 13 वां सात दिवसीय आयोजन गुरूवार विशाल रथयात्रा के साथ संपन्न हुआ। सात दिवसीय इस आयोजन में विधानाचार्य दिल्ली से पधारे जतीशचंद्र जी शास्त्री, अशोक जैन उज्जैन, सम्मेद जी इंदौर ने जहां मंडल विधान की संगीतमय पूजा संपन्न कराई वहीं समाज के सैकड़ों बच्चों को धर्म और संस्कृति की शिक्षा का अनोखे तरीके से ज्ञानार्जन पंडित संजय सिद्धार्थी, रितेश शास्त्री, दीपक शास्त्री, प्रिया संजय जी इंदौर द्वारा करवाया गया। अच्छे मन से बच्चों ने टीवी और मोबाइल के शौक को छोड़कर लगातार 4 से 5 घंटे इस शिविर में भाग लेकर देव दर्शन पूजन विधि के साथ जिनवाणी की शिक्षा ग्रहण की।
गुरूवार को समापन अवसर पर सराफा जैन धर्मशाला से भगवान महावीर की विशाल रथयात्रा रामगंज, बुधवारा, केवलराम पेट्रोल पंप, बांबे बाजार, घंटाघर होते हुए सराफा स्थित पाश्र्वनाथ जैन मंदिर पहुंची जहां श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक किया गया। रथयात्रा के पश्चात विद्वान पंडितों के प्रवचन हुए एवं सामुहिक वात्सल्य भोज संपन्न हुआ। मंडल विधान में सौधर्म इंद्र की भूमिका विनिता राजेश जैन, कुबेर इंद्र मनु अनुराग चौधरी एवं ईशान इंद्र श्रद्धा मनीष जैन सहित श्रद्धालुओं ने पूजन कर अघ्र्य चढ़ाकर निभाई। आयोजित महोत्सव के मुख्य सूत्रधार मुमुक्ष मंडल के नरेन्द्र जैन, कमलचंद जैन, हेमंत जैन, डा. शरद जैन सहित अन्य पदाधिकारी थे। समापन का संचालन कर सलाहकार नितिन जैन द्वारा किया गया एवं आभार नरेन्द्र जैन ट्रेक्टर ने माना।
-Source @vishaldadaji