Friday, 24 June 2016

सदा याद रखो, हर घड़ी अंतिम घड़ी है - शक्ति दीदी

मम्मा के 51 वें दिव्य पुण्य स्मृति दिवस पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित
खंडवा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) के 51 वें दिव्य पुण्य स्मृति दिवस पर पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संस्था के सभी भाई-बहनों ने मम्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में सेवाकेंद्र संचालिका बीके शक्ति दीदी ने मम्मा के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मम्मा हमेशा कहती थीं कि सदा दो मंत्र याद रखो, हर एक घड़ी अंतिम घड़ी है। दूसरा हुक्मी हुक्म चला रहा है। इन्हीं मंत्रों से सहज नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप हो जाएंगे। इससे ही शिव बाबा और ब्रह्मा बाबा की आशाओं को पूरी कर सकेंगे।
बीके शक्ति दीदी ने कहा कि मम्मा बचपन से ही तपस्वी और दिव्य बुद्धि की धनी थीं। उनके सामने कैसी भी परिस्थति आई लेकिन वह कभी विचलित नहीं हुईं। उन्होंने कठिन योग-साधना से स्वयं को इतना शक्तिशाली बना लिया था कि कैसा भी क्रोधी व्यक्ति उनके सामने आता था तो वह शांत हो जाता था। आप रात में 2 बजे से योग-साधना करती थीं। आपने सदा हां जी का पाठ पढ़ा।
 उन्होंने कहा कि मम्मा का जीवन हम ब्रह्मा वत्सों के लिए प्रेरणादायी, पथप्रदर्शक और ईश्वरीय मार्ग पर चलने के लिए एक मिसाल है। मम्मा ने अल्पायु में ही कठिन योग साधना से संपूर्णता की स्थिति बना ली थी। आज आपके बताए मार्ग पर चलकर लाखों ब्रह्माकुमार भाई-बहन अपना जीवन श्रेष्ठ बनाने के मार्ग पर अग्रसर हैं। बीके संतोष दीदी ने बताया कि सुबह मम्मा की याद में सबसे पहले भोग लगाया गया। सुबह 6 बजे से 10.30 बजे तक और शाम को 5 बजे से 8 बजे तक संस्था के सभी भाई-बहनों ने योग-साधना की।
-Posted by jaishreedadajiworldnews