घर घर जाकर ग्रामीणों से शौचालय बनवाने की अपील की कलेक्टर श्रीमती नायक ने
खण्डवा 13 जुलाई, 2016 - कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने बुधवार को सुबह छैगांवमाखन विकासखण्ड के ग्राम दोंदवाड़ा का दौरा कर वहां के ग्रामीणों को घरों में शौचालय निर्मित कराने का महत्व बताते हुये उनसे शौचालय निर्माण कराने की अपील की। बरसते पानी मंे उन्होंने गांव के लगभग 1 दर्जन घरों में दस्तक दी तथा ग्रामीणों से अपने परिवार की महिलाओं व बच्चांे की सुविधा के लिए घर में शौचालय बनवाने को कहा। उन्होंने गांव के लगभग 1 दर्जन घरों में जाकर सम्पर्क किया। इस दौरान गांव की शौर्यादल के सदस्य तथा जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने भी ग्रामीणों को शौचालय के महत्व के बारे में बताया। जिला महिला सषक्तिकरण अधिकारी श्रीमती रीता नाथ एवं तहसीलदार श्री अभिषेक शर्मा एवं जनपद सीईओ रवि मुवेल सहित विभिन्न अधिकारी भी मौजूद थे।
इस दौरान सरपंच से कहा कि जिन सम्पन्न परिवारों के घरों में शौचालय नही है उन पर आर्थिक दण्ड लगाने के लिए पंचायत में फैसला लें। कलेक्टर श्रीमती नायक ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को बताया कि खुले में शौच करने से अनेको तरह की बीमारियां गांव में फैलती है, विषेषकर हेजा, उल्टी दस्त, पीलिया जैसी बीमारियां गंदगी के कारण होती है। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय बनवाकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। कलेक्टर श्रीमती नायक ने इस दौरान सेवकराम चौधरी, हीरालाल, गेंदालाल, शांतिलाल हिरवे, मोतीराम, मुकेष पटेल, गोदावरी बाई के घरों में गई।
दूसरों के घरों में शौचालय बनाने वाले मिस्त्री गंेदालाल के घर नही था शौचालय
कलेक्टर श्रीमती नायक जब गांव का भ्रमण कर रही थी तो वे गंेदालाल के घर पहुंची और घर में शौचालय होने के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह मिस्त्री है तथा खण्डवा जाकर भवनों के निर्माण कार्य कराता है। इस पर कलेक्टर श्रीमती नायक ने गंेदालाल से कहा कि वे जब दूसरों के घरों में शौचालय बनाते हो तो अपने घर मंे क्यों नही बना रहे। इस पर गेंदालाल ने एक माह में अपने घर में शौचालय बनवाने का वादा कलेक्टर श्रीमती नायक से किया।
शांतिलाल का नाम गरीबी परिवारों में शामिल कर उसके घर में बनवायें शौचालय
बरसते पानी में गांव के भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक जब शांतिलाल हिरवे के घर पहुंची तो उसकी घर की हालत देख पटवारी व पंचायत सचिव को निर्देष दिए कि अत्यंत गरीब होने के बावजूद शांतिलाल का नाम अभी तक गरीब परिवारों की सूची में नही जोड़ा गया है, उसका नाम आज ही गरीबों की सूची में शामिल कर उसे शौचालय निर्माण के लिए नियमानुसार सहायता दिलाई जाये। कलेक्टर श्रीमती नायक ने इस दौरान गांव के पटवारी व पंचायत सचिव को निर्देष दिए कि जो सक्षम परिवार गरीब परिवारों की सूची में शामिल है, उनके नाम हटवाने की कार्यवाही प्रारंभ करें तथा वास्तविक जरूरतमंद गरीब परिवारों के नाम सूची में जोड़कर उनके घरों में स्वच्छ भारत मिषन के तहत शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक मदद दे।
मंगला व ज्योति को स्कूल भेजने की समझाइष दी कलेक्टर ने
कलेक्टर श्रीमती नायक जब दोंदवाड़ा मंे घर घर जाकर ग्रामीणों को उनके घरों में शौचालय बनवाने की समझाइष दे रही थी, तभी गांव के मिश्रीलाल पटेल की बेटी ज्योति से उन्होंने पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह कक्षा 8 वी तक पढ़ी है, लेकिन अब स्कूल नही जाती है। इस पर उन्होंने ज्योति को पास के गांव में कक्षा 9 में प्रवेष दिलाने के निर्देष जिला षिक्षा अधिकारी को दिए। उन्होंने ज्योति से कहा कि अच्छी तरह पढ़ लिखकर वह आत्मनिर्भर बन सकती है अतः आज से ही वह स्कूल जाने की तैयारी करे और मन लगाकर पढ़ाई करे। उन्होंने गांव की ही एक अन्य बेटी मंगला को भी स्कूल जाने के लिए समझाया और कहा कि वह भी पढ़ लिखकर अपनी मनपसंद नौकरी कर सकती है।
बहू , बेटियों व बच्चों की खातिर बनवायें शौचालय
दोंदवाड़ा में ग्रामीण सेवकराम से जब कलेक्टर श्रीमती नायक ने घर मंे शौचालय बनवाने की अपील की तो वह उनसे तर्क कुर्तक करने लगा। जिस पर उन्होंने सेवकराम को समझाया कि वह खुद के लिए नही तो कम से कम अपने परिवार की बहू, बेटियों और छोटे बच्चों की खातिर ही अपने घर में शौचालय बनवा ले।
आंगनवाड़ी व आरोग्य केन्द्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्रीमती नायक ने ग्राम दोंदवाड़ा मंे संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र तथा आरोग्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से चर्चा कर आंगनवाड़ी में मिलने वाले पोषण आहार तथा स्कूल पूर्व षिक्षा के बारे में जानकारी ली।
छैगांवमाखन में कलेक्टर श्रीमती नायक ने की योजनाओं की समीक्षा
खण्डवा 13 जुलाई, 2016 - जनपद पंचायत छैंगावमाखन में कलेक्टर श्रीमती स्वाती मीणा नायक ने बुधवार को स्वास्थ्य, षिक्षा व ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर उनकी विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होने मनरेगा योजना अंतर्गत प्रत्येक उपयंत्री से उसकी ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यो का विवरण पूछा गया एवं कार्य पूर्णता की तिथी निर्धारित कर लक्ष्य दिया गया। मनरेगा अंतर्गत अधिक से अधिक श्रम मूलक कार्य लिये जाने के निर्देष कलेक्टर श्रीमती नायक द्वारा दिये गये साथ ही वृक्षारोपण व जल संवर्धन के कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देष भी दिये। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. अवास्या, जिला षिक्षा अधिकारी श्री के.एस.राजपूत, डीपीसी श्री आर.के. सेन व कार्यपालन यंत्री श्री पवन बैरागी, तहसीलदार श्री अभिषेक शर्मा व जनपद पंचायत के सीईओ श्री रवि मुवेल सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने छैगांवमाखन के माध्यमिक विद्यालय का भी औचक निरीक्षण किया।
सभी कर्मचारी अपने मुख्यालय पर ही रहें
स्वच्छ भारत मिषन के कार्यो की समीक्षा करते हुये निर्देष दिये कि गांव में मौजूद समस्त शासकीय अमले के कर्मचारियो जैसे आषा व आंगनवाडी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी अपने अपने घरों में शौचालय बनवाये अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने गांव के पढ़े लिखे व समझदार लोगों से कहा कि वे अपने गांव के उन लोगों को शौचालय का महत्व बताकर शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करे जिनके घरों में अभी तक शौचालय नही है। उन्होने कहा कि प्रस्फुटन समितियों व शौर्य दल के माध्यम से भी गांव में शौचालय निर्माण के लिए जनजागृती लाने का प्रयास करना चाहिए। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक ने पटवारियो व पंचायत सचिवों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ सभी शासकीय कर्मचारियों को निर्देष दिये गये कि वे अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतो में अनिवार्यतः उपस्थित रह कर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करे। उन्होंने कहा कि मुख्यालय पर न रहने वाले पंचायत सचिवों को पद से पृथक करने की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्रीमती नायक ने एक से अधिक पंचायत का प्रभार होने पर पटवारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र की पंचायतों में दौरे के दिन निर्धारित कर उसकी जानकारी पंचायत भवन में अंकित कराये ताकि ग्रामीणजन उन तिथियों में उनसे सम्पर्क कर सके। कलेक्टर श्रीमती नायक ने पंचायत सचिवों को हरियाली महोत्सव के तहत पंचायत क्षेत्र के ग्रामों में पौधरोपण कराने के निर्देष दिए।
गांव के हर बच्चे को स्कूल में प्रवेष दिलाये
कलेक्टर श्रीमती नायक ने जनपद छैगांवमाखन में आयोजित षिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित जनषिक्षकों व संकुल समन्वयकों को निर्देष दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र में यह सुनिष्चित करें कि गांव का कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने बैठक में स्कूलों में पुस्तकों व गणवेष वितरण की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों के परिसर में पौधरोपण कराने के निर्देष भी दिए।
मौसमी बीमारियों से निपटने के प्रयास करें
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक ने विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से कहा कि वर्षा ऋतु में ग्रामीण क्षेत्र में अनेको तरह की मौसमी बीमारियां फैलती है, इनसे निपटने के लिए आवष्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में अस्पताल में रखे। उन्होंने सभी आषा कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे अपने गांव में सक्रिय रहकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं उपलब्ध करायें। कोई भी बीमारी फैलने की स्थिति में तत्काल विकासखण्ड व जिला स्तरीय अधिकारियों को उसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते स्थिति से निपटा जा सके। कलेक्टर श्रीमती नायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं को निर्देष दिए कि गांव में गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाये तथा जो महिलाएं हाईरिस्क वाली पाई जाये उन्हें प्रसव के लिए जननी एक्सप्रेस के माध्यम से जिला अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था करें।
-Posted by jaishridadaji@world news
खण्डवा 13 जुलाई, 2016 - कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक ने बुधवार को सुबह छैगांवमाखन विकासखण्ड के ग्राम दोंदवाड़ा का दौरा कर वहां के ग्रामीणों को घरों में शौचालय निर्मित कराने का महत्व बताते हुये उनसे शौचालय निर्माण कराने की अपील की। बरसते पानी मंे उन्होंने गांव के लगभग 1 दर्जन घरों में दस्तक दी तथा ग्रामीणों से अपने परिवार की महिलाओं व बच्चांे की सुविधा के लिए घर में शौचालय बनवाने को कहा। उन्होंने गांव के लगभग 1 दर्जन घरों में जाकर सम्पर्क किया। इस दौरान गांव की शौर्यादल के सदस्य तथा जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने भी ग्रामीणों को शौचालय के महत्व के बारे में बताया। जिला महिला सषक्तिकरण अधिकारी श्रीमती रीता नाथ एवं तहसीलदार श्री अभिषेक शर्मा एवं जनपद सीईओ रवि मुवेल सहित विभिन्न अधिकारी भी मौजूद थे।
इस दौरान सरपंच से कहा कि जिन सम्पन्न परिवारों के घरों में शौचालय नही है उन पर आर्थिक दण्ड लगाने के लिए पंचायत में फैसला लें। कलेक्टर श्रीमती नायक ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को बताया कि खुले में शौच करने से अनेको तरह की बीमारियां गांव में फैलती है, विषेषकर हेजा, उल्टी दस्त, पीलिया जैसी बीमारियां गंदगी के कारण होती है। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय बनवाकर इन बीमारियों से बचा जा सकता है। कलेक्टर श्रीमती नायक ने इस दौरान सेवकराम चौधरी, हीरालाल, गेंदालाल, शांतिलाल हिरवे, मोतीराम, मुकेष पटेल, गोदावरी बाई के घरों में गई।
दूसरों के घरों में शौचालय बनाने वाले मिस्त्री गंेदालाल के घर नही था शौचालय
कलेक्टर श्रीमती नायक जब गांव का भ्रमण कर रही थी तो वे गंेदालाल के घर पहुंची और घर में शौचालय होने के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि वह मिस्त्री है तथा खण्डवा जाकर भवनों के निर्माण कार्य कराता है। इस पर कलेक्टर श्रीमती नायक ने गंेदालाल से कहा कि वे जब दूसरों के घरों में शौचालय बनाते हो तो अपने घर मंे क्यों नही बना रहे। इस पर गेंदालाल ने एक माह में अपने घर में शौचालय बनवाने का वादा कलेक्टर श्रीमती नायक से किया।
शांतिलाल का नाम गरीबी परिवारों में शामिल कर उसके घर में बनवायें शौचालय
बरसते पानी में गांव के भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक जब शांतिलाल हिरवे के घर पहुंची तो उसकी घर की हालत देख पटवारी व पंचायत सचिव को निर्देष दिए कि अत्यंत गरीब होने के बावजूद शांतिलाल का नाम अभी तक गरीब परिवारों की सूची में नही जोड़ा गया है, उसका नाम आज ही गरीबों की सूची में शामिल कर उसे शौचालय निर्माण के लिए नियमानुसार सहायता दिलाई जाये। कलेक्टर श्रीमती नायक ने इस दौरान गांव के पटवारी व पंचायत सचिव को निर्देष दिए कि जो सक्षम परिवार गरीब परिवारों की सूची में शामिल है, उनके नाम हटवाने की कार्यवाही प्रारंभ करें तथा वास्तविक जरूरतमंद गरीब परिवारों के नाम सूची में जोड़कर उनके घरों में स्वच्छ भारत मिषन के तहत शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक मदद दे।
मंगला व ज्योति को स्कूल भेजने की समझाइष दी कलेक्टर ने
कलेक्टर श्रीमती नायक जब दोंदवाड़ा मंे घर घर जाकर ग्रामीणों को उनके घरों में शौचालय बनवाने की समझाइष दे रही थी, तभी गांव के मिश्रीलाल पटेल की बेटी ज्योति से उन्होंने पढ़ाई लिखाई के बारे में पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह कक्षा 8 वी तक पढ़ी है, लेकिन अब स्कूल नही जाती है। इस पर उन्होंने ज्योति को पास के गांव में कक्षा 9 में प्रवेष दिलाने के निर्देष जिला षिक्षा अधिकारी को दिए। उन्होंने ज्योति से कहा कि अच्छी तरह पढ़ लिखकर वह आत्मनिर्भर बन सकती है अतः आज से ही वह स्कूल जाने की तैयारी करे और मन लगाकर पढ़ाई करे। उन्होंने गांव की ही एक अन्य बेटी मंगला को भी स्कूल जाने के लिए समझाया और कहा कि वह भी पढ़ लिखकर अपनी मनपसंद नौकरी कर सकती है।
बहू , बेटियों व बच्चों की खातिर बनवायें शौचालय
दोंदवाड़ा में ग्रामीण सेवकराम से जब कलेक्टर श्रीमती नायक ने घर मंे शौचालय बनवाने की अपील की तो वह उनसे तर्क कुर्तक करने लगा। जिस पर उन्होंने सेवकराम को समझाया कि वह खुद के लिए नही तो कम से कम अपने परिवार की बहू, बेटियों और छोटे बच्चों की खातिर ही अपने घर में शौचालय बनवा ले।
आंगनवाड़ी व आरोग्य केन्द्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्रीमती नायक ने ग्राम दोंदवाड़ा मंे संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र तथा आरोग्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से चर्चा कर आंगनवाड़ी में मिलने वाले पोषण आहार तथा स्कूल पूर्व षिक्षा के बारे में जानकारी ली।
छैगांवमाखन में कलेक्टर श्रीमती नायक ने की योजनाओं की समीक्षा
खण्डवा 13 जुलाई, 2016 - जनपद पंचायत छैंगावमाखन में कलेक्टर श्रीमती स्वाती मीणा नायक ने बुधवार को स्वास्थ्य, षिक्षा व ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर उनकी विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होने मनरेगा योजना अंतर्गत प्रत्येक उपयंत्री से उसकी ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यो का विवरण पूछा गया एवं कार्य पूर्णता की तिथी निर्धारित कर लक्ष्य दिया गया। मनरेगा अंतर्गत अधिक से अधिक श्रम मूलक कार्य लिये जाने के निर्देष कलेक्टर श्रीमती नायक द्वारा दिये गये साथ ही वृक्षारोपण व जल संवर्धन के कार्यो को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देष भी दिये। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शुचिस्मिता सक्सेना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. अवास्या, जिला षिक्षा अधिकारी श्री के.एस.राजपूत, डीपीसी श्री आर.के. सेन व कार्यपालन यंत्री श्री पवन बैरागी, तहसीलदार श्री अभिषेक शर्मा व जनपद पंचायत के सीईओ श्री रवि मुवेल सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने छैगांवमाखन के माध्यमिक विद्यालय का भी औचक निरीक्षण किया।
सभी कर्मचारी अपने मुख्यालय पर ही रहें
स्वच्छ भारत मिषन के कार्यो की समीक्षा करते हुये निर्देष दिये कि गांव में मौजूद समस्त शासकीय अमले के कर्मचारियो जैसे आषा व आंगनवाडी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी अपने अपने घरों में शौचालय बनवाये अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने गांव के पढ़े लिखे व समझदार लोगों से कहा कि वे अपने गांव के उन लोगों को शौचालय का महत्व बताकर शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करे जिनके घरों में अभी तक शौचालय नही है। उन्होने कहा कि प्रस्फुटन समितियों व शौर्य दल के माध्यम से भी गांव में शौचालय निर्माण के लिए जनजागृती लाने का प्रयास करना चाहिए। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक ने पटवारियो व पंचायत सचिवों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ सभी शासकीय कर्मचारियों को निर्देष दिये गये कि वे अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतो में अनिवार्यतः उपस्थित रह कर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करे। उन्होंने कहा कि मुख्यालय पर न रहने वाले पंचायत सचिवों को पद से पृथक करने की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्रीमती नायक ने एक से अधिक पंचायत का प्रभार होने पर पटवारियों से कहा कि वे अपने क्षेत्र की पंचायतों में दौरे के दिन निर्धारित कर उसकी जानकारी पंचायत भवन में अंकित कराये ताकि ग्रामीणजन उन तिथियों में उनसे सम्पर्क कर सके। कलेक्टर श्रीमती नायक ने पंचायत सचिवों को हरियाली महोत्सव के तहत पंचायत क्षेत्र के ग्रामों में पौधरोपण कराने के निर्देष दिए।
गांव के हर बच्चे को स्कूल में प्रवेष दिलाये
कलेक्टर श्रीमती नायक ने जनपद छैगांवमाखन में आयोजित षिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित जनषिक्षकों व संकुल समन्वयकों को निर्देष दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र में यह सुनिष्चित करें कि गांव का कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने बैठक में स्कूलों में पुस्तकों व गणवेष वितरण की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों के परिसर में पौधरोपण कराने के निर्देष भी दिए।
मौसमी बीमारियों से निपटने के प्रयास करें
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती नायक ने विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से कहा कि वर्षा ऋतु में ग्रामीण क्षेत्र में अनेको तरह की मौसमी बीमारियां फैलती है, इनसे निपटने के लिए आवष्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में अस्पताल में रखे। उन्होंने सभी आषा कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे अपने गांव में सक्रिय रहकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं उपलब्ध करायें। कोई भी बीमारी फैलने की स्थिति में तत्काल विकासखण्ड व जिला स्तरीय अधिकारियों को उसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते स्थिति से निपटा जा सके। कलेक्टर श्रीमती नायक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं को निर्देष दिए कि गांव में गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाये तथा जो महिलाएं हाईरिस्क वाली पाई जाये उन्हें प्रसव के लिए जननी एक्सप्रेस के माध्यम से जिला अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था करें।
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