Saturday, 26 March 2016

आयोजनों में सिंधी समाज अब नहीं परोसेगा 11 से अधिक व्यंजन

महंत श्री ने होली मिलन पर समाजजन से लिया संकल्प, समाज ने किया शिरोधार्य
खंडवा। सिंधी समाज में वर्षो से चली आ रही परंपरानुसार जब होली मिलन हेतु पूज्य सिंधी पंचायत संरक्षक गेहीराम सीतलानी, अध्यक्ष भगवानदास आरतानी सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में समाजजन तीरथधाम महंत श्री स्वरूपदास जी के आशीर्वाद लेने हेतु श्यामधाम पहुंचे, तब महंत श्री ने समाजजनों से विभिन्न आयोजनों के दौरान 11 प्रकार से अधिक व्यंजनों को न परोसे जाने का, डीजे नहीं बजाए जाने का और समारोहों के दौरान रास्ते में महिलाओं के डांस पर रोक लगाए जाने का संकल्प लिया। वहीं संत श्री ने महिलाओं, बालिकाओं को शालिनतापूर्ण वस्त्रों को पहनने का आव्हान किया जिसे उपस्थित समाजजनों ने शिरोधार्य किया। यह जानकारी देते हुए संस्थान प्रवक्ता निर्मल मंगवानी एवं अध्यक्ष परमानंद लालवानी ने बताया कि मिलन समारोह में महंत श्री ने अपने आशीष वचनों में कहा कि होली पर्व हमें यह शिक्षा देता है कि आज से पुराने गिले-शिकवे भुलाकर सभी से प्रेम पूर्वक मिलजुलकर रहें। अपने मन में अहंकार की भावना हावी न होने दे क्योंकि अहंकार ही विनाश का कारण है। विवाह आदि शुभ अवसरों पर समाजजन दिखावा न करें, आयोजनों में मात्र 11 व्यंजनों से अधिक व्यंजनों को न परोसे जाने का संकल्प आज के दिन लें, क्योंकि यह संकल्प उस तबके हेतु राहत लेकर आएगा जो आयोजनों में दिखावा हेतु मजबूरी में कर्ज लेकर भी अपना नाम नीचा न हो इस डर से बढ़-चढ़कर मेहमानों, अतिथियों को तरह-तरह व्यंजन परोसे जाने हेतु मजबूर होता है। साथ ही संतश्री ने इन आयोजनों में पापड़, पानी (शराब आदि) की पार्टियों पर भी रोक लगाए जाने हेतु पूज्य सिंधी पंचायत पदाधिकारियों से आव्हान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कर्ताओं को एक लाख एक हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित कर समाज में फैल रही इस कुरीति को शीघ्र रोका जाए। साथ ही आपने शीघ्र ही पूज्य सिंधी पंचायत भवन का नवनिर्माण कर समाज को समर्पित करने का भी पूज्य सिंधी पंचायत से आव्हान किया। जिस पर पंचायत अध्यक्ष भगवानदास आरतानी, उपाध्यक्ष नानकराम चंदवानी, ताराचंद जेठवानी, डा. दिलीप हिन्दुजा आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए शीघ्र ही पंचायत भवन निर्माण का आश्वासन दिया। संत श्री के आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु लालचंद संतवानी, लेखराज हेमवानी, जेपी नथानी, शंकरलाल तीर्थानी, रमेशलाल तिन्ना, शंकरलाल आसवानी, भरत आर्य, राजू बिनवानी, निर्मल मंगवानी आदि सहित बड़ी संख्या में समाजजनों के साथ नवयुवक सिंधी सेवा संस्थान के सदस्य मौजूद थे।