खंडवा। कठिन तप और
तपस्या करते हुए जैन धर्म के तीर्थंकरों ने मोक्ष गति को प्राप्त किया था।
बिहार झारखंड के सम्मेदशिखर महातीर्थ से चौबीस में से बीस तीर्थंकरों ने
संसार की मोह माया छोड़कर तपस्या करते हुए इस पर्वत से मोक्ष को पाया था।
समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि जैन धर्म में जन्म से ज्यादा मोक्ष का
महत्व बताया गया है। आठवें तीर्थंकर भगवान चंदाप्रभु ने शिखर जी की पवित्र
टूक पर तपस्या करते हुए मोक्ष गति प्राप्त की थी। भगवान चंदाप्रभु के
निर्वाण दिवस पर घासपुरा महावीर जैन मंदिर में संस्कार महिला मंडल के
तत्वावधान में नितिन मंत्री रावका परिवार ने पूजा अर्चना कर लाडू चढ़ाया।
भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर प्रात: नित्य पूजन के साथ श्रद्धालुओं ने
रत्न जडि़त मूर्ति का अभिषेक व शांतिधारा कर लाडू चढ़ाकर महाआरती की। इस
अवसर पर सुनील जैन, पवन रावका, धनपाल कासलीवाल, प्रकाश बडज़ात्या, नरेन्द्र
रावका, जम्बू लुहाडिय़ा, दीपक रावका, अमर लुहाडिय़ा, राजेन्द्र रावका,
अजित रावका, निर्मला लुहाडिय़ा, सरोज गदिया, अलका रावका, वंदना कासलीवाल
सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।